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इंद्र के वाहन गजराज का उद्धार।।

4.8
96

गजराज त्रिकूट पर्वत पर रहता था। 1 दिन में गर्मी से व्याकुल होकर अनेकको बड़े-बड़े हाथियों के साथ वरुण देव के रितु मान नामक बगीचे में अत्यंत विस्तृत सुंदर सरोवर के तट पर पहुंचा। तदनंतर में सरोवर के ...

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लेखक के बारे में
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Keshav Vashistha

मेरा नाम केशव वशिष्ठ हैं।। मै एक छोटे से गांव का रहने वाला हूं।। मुझे भारतीय साहित्य और भारत से जुड़ा हुआ प्रत्येक साहित्य पढ़ना अच्छा लगता है। अपना सनातन धर्म, संस्कृति और सभ्यता विश्व में सबसे महान है।। मुझे अपनी संस्कृति पर गर्व है।। 🕉️🕉️🕉️ 🚩🚩🚩

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Naresh Vashistha
    18 नवम्बर 2021
    Nice
  • author
    Abhishek Sharma
    18 नवम्बर 2021
    Best थिंकिंग
  • author
    Keshav Vashistha
    20 नवम्बर 2021
    अच्छा है।।
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  • author
    Naresh Vashistha
    18 नवम्बर 2021
    Nice
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    Abhishek Sharma
    18 नवम्बर 2021
    Best थिंकिंग
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    Keshav Vashistha
    20 नवम्बर 2021
    अच्छा है।।