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हास्य व व्यंग में अंतर

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हास्य का अर्थ वह कारक जिससे हंसी ,विनोद या आमोद की उत्पत्ति हो । हास्य का स्वभाव आक्रामक या घातक नहीं होता। व्यंग्य शब्द व्यंग अर्थात विकृत अंग से उद्भूत है जिसमें शब्द का वास्तविक अर्थ उसके वास्तविक ...

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लेखक के बारे में

नाम: गिरधारी लाल चतुर्वेदी जन्म स्थान : मथुरा व्यवसाय :नोकरी विभाग : एकाउन्ट फाईनेन्स असिस्टेंट मेनेजर भुगतान विभाग संसथान: मनीपाल होस्पीटल आदतॆ: कृकेट खेलना , बचपन से कविता, व व्यंग लेखन, सामाजिक व राजनेतिक चिंतन ।

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