हर एक संकट का हल होगा, वो आज नहीं तो कल होगा माना कि है अंधेरा बहुत और चारों ओर नाकामी माना कि थक के टूट रहे और सफर अभी दुरगामी है जीवन की आपाधापी में,जीने का ठिकाना छूट गया माना कि हिम्मत टूट ...

प्रतिलिपिहर एक संकट का हल होगा, वो आज नहीं तो कल होगा माना कि है अंधेरा बहुत और चारों ओर नाकामी माना कि थक के टूट रहे और सफर अभी दुरगामी है जीवन की आपाधापी में,जीने का ठिकाना छूट गया माना कि हिम्मत टूट ...