हा! पैसा मुझे प्यारा है; क्यूँकि हर एक शख़्स इससे हारा है, भले ही कोई ज्ञानी किसी शूद्र के घर के पानी को छुए तक नहीं ; पर उसकी दक्षिणा मे आया वो पैसा मुझे प्यारा है, एक पैसा ही हैं जात पात से ऊपर ...
ज़िंदादिल ज़िन्दगी ~ मनीष कुमार "गीतांश"
मैं एक लेखक और एक कॉन्टेंटप्रिनेउर हूँ और content croc Jaipur का फाउंडर भी हूँ। मैं लोगो की ज़िंदगी में सकारात्मक बदलाव और ख़ुद आगाही के मक़सद के लिए तत्पर हूं।
सारांश
ज़िंदादिल ज़िन्दगी ~ मनीष कुमार "गीतांश"
मैं एक लेखक और एक कॉन्टेंटप्रिनेउर हूँ और content croc Jaipur का फाउंडर भी हूँ। मैं लोगो की ज़िंदगी में सकारात्मक बदलाव और ख़ुद आगाही के मक़सद के लिए तत्पर हूं।
रिपोर्ट की समस्या
रिपोर्ट की समस्या
रिपोर्ट की समस्या