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गुरु के चरणों में प्रणाम दोनों हाथों से शीश झुकाकर

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"भीषण गर्मी में दोपहर के तकरीबन दो बजे मैं कॉलेज जाने वाले मुख्य मार्ग के चौराहे पर में अपने परम मित्र का इंतजार कर रहा था। तभी मैं देखता हूँ कि मेरे तरफ आ रही एक नौजवान लड़की अचानक मेरे चरण को ...

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लेखक के बारे में
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दिनेश सिंह :

"" स्वरचित रचनाएं, कहानियाँ ओर अन्य लेख जो कि जीवन के हर स्तर पर आधारित लिखता रहता हूँ। वो भी सरल एवं सीधे शब्दों में लिखने की कोशिश करता हूँ।""★★★ ●-● पूर्णतया सर्वाधिकार सुरक्षित हैं। ●-●

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