pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी

गुलाम बन कर जियोगे तो कुत्ता समझकर लात मारेगी ये दुनिया । नवाब बनकर जियो तो शेर समझकर सलाम ठोकेगी दुनिया-

17

गुलाम बन कर जियोगे तो कुत्ता समझकर लात मारेगी ये दुनिया । नवाब बनकर जियो तो शेर समझकर सलाम ठोकेगी दुनिया- ...

अभी पढ़ें
लेखक के बारे में
author
Munna Pal

जिम्मेदारियां मजबुर कर देती हैं अपना शहर छोड़ने को वरना कौन अपनी गली में जीना नहीं चाहता......

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • रचना पर कोई टिप्पणी नहीं है
  • author
    आपकी रेटिंग

  • रचना पर कोई टिप्पणी नहीं है