pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी

गोरैया

4.4
1009

ईंट-पत्थरों के मकान को बिटिया तूने घर किआ है कोना कोना खुशिओं से भर दिया है शुक्रिया! जो मेरे घर को तुमने अपना घोंसला चुना है मेरी आँगन की बिटिया तू गोरैया है ईंट-पत्थरों के मकान को बिटिया तूने ...

अभी पढ़ें
लेखक के बारे में
author
अंजय सिंह

मिजाज़ से शायर.....

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Manjit Singh
    25 जुलाई 2020
    kavita hame panchhio se pyar karna sikhaati hai .aapko hazaar naman
  • author
    अरविन्द सिन्हा
    25 अप्रैल 2023
    अत्यन्त ही सुन्दर अभिव्यक्ति । हार्दिक साधुवाद
  • author
    Sanjay Negi
    22 मई 2021
    बहुत ही सुंदर रचना
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Manjit Singh
    25 जुलाई 2020
    kavita hame panchhio se pyar karna sikhaati hai .aapko hazaar naman
  • author
    अरविन्द सिन्हा
    25 अप्रैल 2023
    अत्यन्त ही सुन्दर अभिव्यक्ति । हार्दिक साधुवाद
  • author
    Sanjay Negi
    22 मई 2021
    बहुत ही सुंदर रचना