दो०-जय जय जय गौ मातु की ,जयति श्री नंदलाल पालन कर गौ मातु का, कहलाये गोपाल।। (१) "हरिकिंकर" गौ तन बसहिं , देव कोटि तेतीस । सुयश गाऊँ गौ मातु का ,झुक चरणन में शीश ।।(२) ...

प्रतिलिपिदो०-जय जय जय गौ मातु की ,जयति श्री नंदलाल पालन कर गौ मातु का, कहलाये गोपाल।। (१) "हरिकिंकर" गौ तन बसहिं , देव कोटि तेतीस । सुयश गाऊँ गौ मातु का ,झुक चरणन में शीश ।।(२) ...