pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी

एक पंथ दो काज

4.8
28

कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ने वाली 12वीं की छात्रा शिखा ने हिन्दी के पाठ में आए “एक पंथ दो काज” मुहावरे को हिन्दी पढ़ाने वाले अध्यापक कैलाश शर्मा से पूछा, “सर एक बटन दो काज में कैसे घुस सकता है या एक ...

अभी पढ़ें
लेखक के बारे में
समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Suresh Deshmukh
    21 मार्च 2024
    समझ मुहावरे की! मार्गदर्शक प्रस्तुति।👌✍️👍
  • author
    Poems Songs
    04 अप्रैल 2024
    बहुत सुंदर सृजन उत्तम भाव अभिव्यक्ति उत्कृष्ट प्रस्तुति👌👌👏👏
  • author
    Girraj Khandelwal
    22 मार्च 2024
    मुहावरे की व्याख्या बहुत अच्छी लगी और तत्काल समझ में आ जाती है । धन्यवाद जी ।
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Suresh Deshmukh
    21 मार्च 2024
    समझ मुहावरे की! मार्गदर्शक प्रस्तुति।👌✍️👍
  • author
    Poems Songs
    04 अप्रैल 2024
    बहुत सुंदर सृजन उत्तम भाव अभिव्यक्ति उत्कृष्ट प्रस्तुति👌👌👏👏
  • author
    Girraj Khandelwal
    22 मार्च 2024
    मुहावरे की व्याख्या बहुत अच्छी लगी और तत्काल समझ में आ जाती है । धन्यवाद जी ।