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दूरियाँ मन की

3.9
620

सुनो न, सुन भी लो कहती रही मैं और वो दूर निकल गया अपने ही ख्यालों में गुम मुझसे दूर चला गया मैं तन्हां, सोचती रही न जाने कब हाथ छूटा जाने क्यों साथ छूट गया... कब इतनी दूरियां आ गई क़ि उस तक मेरी ...

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लेखक के बारे में
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Suman Shah

An Artist, Poet , Lover, Dreamer, Fighter n Seeker

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    12 अप्रैल 2020
    आपने जो लिखा उसकी तारीफ शब्दों में आसान नही है पर ये बहुत बहुत अच्छा है हो सके तो मेरी कविताएं भी पढ़ें और समीक्षा करें
  • author
    Sushma Srivastava
    15 दिसम्बर 2022
    शब्दो का चयन व प्रस्तुति
  • author
    Manjit Singh
    18 अक्टूबर 2020
    प्यार का इंतजार
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  • author
    12 अप्रैल 2020
    आपने जो लिखा उसकी तारीफ शब्दों में आसान नही है पर ये बहुत बहुत अच्छा है हो सके तो मेरी कविताएं भी पढ़ें और समीक्षा करें
  • author
    Sushma Srivastava
    15 दिसम्बर 2022
    शब्दो का चयन व प्रस्तुति
  • author
    Manjit Singh
    18 अक्टूबर 2020
    प्यार का इंतजार