【 दोगले-मर्द 】 मैं मर्द हूँ जब औरतों को देखता हूँ तो मेरी नज़रे उनकी घनी काली ज़ुल्फो में नही फँसती। काजल से सजी हुई उनकी काली आंखे या उनकी खनखनाती हँसी मेरे लिए निष्प्रयोज्य वस्तुओं की तरह है ...

प्रतिलिपि【 दोगले-मर्द 】 मैं मर्द हूँ जब औरतों को देखता हूँ तो मेरी नज़रे उनकी घनी काली ज़ुल्फो में नही फँसती। काजल से सजी हुई उनकी काली आंखे या उनकी खनखनाती हँसी मेरे लिए निष्प्रयोज्य वस्तुओं की तरह है ...