दो प्रेमी.. जंगली कहीं की... आकाश बुदगबुदाया... "हां मैं हूं जंगली ! पर तुम से तो लाख गुना अच्छी हूं.. तुम्हारे सीने में तो दिल ही नहीं है । आंसुओं के साथ जबरन बाहर आने को बेताब बहती नाक को ...

प्रतिलिपिदो प्रेमी.. जंगली कहीं की... आकाश बुदगबुदाया... "हां मैं हूं जंगली ! पर तुम से तो लाख गुना अच्छी हूं.. तुम्हारे सीने में तो दिल ही नहीं है । आंसुओं के साथ जबरन बाहर आने को बेताब बहती नाक को ...