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धुंधली यादें : स्कूल का पहला दिन

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जब से होश संभाला था पापा को शुरू से ही पढ़ते पढ़ाते देखा था, शायद इसी वजह से मेरी भी रुचि पढ़ाई में थी। मैं वो सब विद्यालय जाने से पहले ही सीख चुका था जो प्रायः लड़के फर्स्ट या सैकंड स्टैंडर्ड में ...

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Shailesh Ojha
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