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धंधे वाली

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4.6

धंधे वाली यही तो कहा था उसने खुद को आज भी जब सोचता हूं तो रोंगटे खड़े हो जाते है सब वैसे ही याद आ जाता है जैसे कल की ही बात हो उस दिन सुबह के 10 बज रहे थे में अभी अपनी कैंटीन पहुंच कर आज ...