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दश्त तो दश्त हैं, दरिया भी न छोड़े हमने

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उक़बा बिन नाफे अल फहरी :  एक महान योद्धा अल्लामा इक़बाल के कलाम " शिकवा " का एक मशहूर शेर है "दश्त तो दश्त है दरिया भी न छोड़े हम ने बहरे ज़ुल्मात में दौड़ा दिए घोड़े हम ने " क्या आप जानते हैं ...

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ASHRAF KHAN OWAISI
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