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चूड़ियां

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मेरी चूडियों की कीमत, किसने कब पहचानी है। विधवा हुई देश की खातिर, तुमने कहाँ ये जानी है।      मेरे जैसी कितनी विधवा,      रोज यहाँ पर हो रही हैं।...