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चार बीज

4.3
293

मानसून के आने का शुभ संकेत देख मन बार-बार एक ही विचार में लीन है की इस बार वो करूँ जो वर्षो से विचाराधीन है चार बीज एक गठरी में बाँध रख छोड़े थे आज हाथ लगे, बहुत लगे,भले ही थोड़े थे मन को शांति मिली की...

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समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Ravindra N.Pahalwam
    01 अक्टूबर 2018
    बहुत खूब / समाज में अच्छा देखने की चाह / बीज लगाएँ हैं तो अँकुरित होंगे ही / कल्पना की सराहना...
  • author
    राजीव पारीक
    15 जनवरी 2023
    बहुत ही सुंदर रचना! सकारत्मक विचारों को उजागर करती है।
  • author
    Sumedha Prakash
    09 अक्टूबर 2018
    बहुत सुन्दर
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  • author
    Ravindra N.Pahalwam
    01 अक्टूबर 2018
    बहुत खूब / समाज में अच्छा देखने की चाह / बीज लगाएँ हैं तो अँकुरित होंगे ही / कल्पना की सराहना...
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    राजीव पारीक
    15 जनवरी 2023
    बहुत ही सुंदर रचना! सकारत्मक विचारों को उजागर करती है।
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    Sumedha Prakash
    09 अक्टूबर 2018
    बहुत सुन्दर