मैं मुंबई मे पालि बढ़ी हूँ। शिक्षा- विवाह- बच्चे सभी मुंबई मे ही रचा बसा है। इस स्वप्न नगरी मे मेरे भी सपने कुछ पूरे हुए कुछ वक़्त के साथ दब गए और कुछ अभी भी अधूरे है। एक सपना लेखिका बनने का भी रहा, और खुशी है मै आज समाज मे लेखिका के रूप मे जानी जाती हूँ।