चंपा ने चमेली के कान में कुछ यूं खिलखिलाया। आज तेरा भंवरा तुझे मिलने को क्यूं नही आया। भंवरा है इसीलिए भरमाया है मन भर गया है। तभी तो रात की रानी बेला चमेली पर इतराया है टिकता कहां है एक जगह डाल डाल ...

प्रतिलिपिचंपा ने चमेली के कान में कुछ यूं खिलखिलाया। आज तेरा भंवरा तुझे मिलने को क्यूं नही आया। भंवरा है इसीलिए भरमाया है मन भर गया है। तभी तो रात की रानी बेला चमेली पर इतराया है टिकता कहां है एक जगह डाल डाल ...