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बोल कि लब आज़ाद है तेरे

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शत प्रतिशत सहमत इस बात से कि जानवरों की क़ुरबानी किसी तरह से सही नही ठहराई जा सकती चाहे वो बकरीद हो, अल्मोड़ा में नंदा देवी की जात में यात्रा निकाल कर दुम्बो की बलि हो या कामाख्या में हजारों भैसो ...

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