भोर की पहली किरण से, मुस्करा कर खिल गई, फिर हुआ मदहोश भँवरा , भूख है या है मुहब्बत,,,,,,, जल में जल की प्यासी सीपी, मुंह खोलती एक बूंद को , और पनपता एक मोती, भूख है या है मुहब्बत..... तड़ित तरंगों के...

प्रतिलिपिभोर की पहली किरण से, मुस्करा कर खिल गई, फिर हुआ मदहोश भँवरा , भूख है या है मुहब्बत,,,,,,, जल में जल की प्यासी सीपी, मुंह खोलती एक बूंद को , और पनपता एक मोती, भूख है या है मुहब्बत..... तड़ित तरंगों के...