मैं हिन्दी एवं भोजपुरी कवि, गीतकार हूं...मेरी प्रमुख किताबें निम्नलिखित हैं.....
हिन्दी काव्य
1 जीवन के विविध रंग
2-अनकही संवेदनाएं
3-धरती के परिंदे
4-आदमी के कई रंग
भोजपुरी काव्य
1-भोजपुरी के मान्यता देईं ए सरकार
2-अब गंवुओ में शहर आ गइल
साझा संग्रह
लगभग 40 काव्य, गद्य की पुस्तकें
सारांश
मैं हिन्दी एवं भोजपुरी कवि, गीतकार हूं...मेरी प्रमुख किताबें निम्नलिखित हैं.....
हिन्दी काव्य
1 जीवन के विविध रंग
2-अनकही संवेदनाएं
3-धरती के परिंदे
4-आदमी के कई रंग
भोजपुरी काव्य
1-भोजपुरी के मान्यता देईं ए सरकार
2-अब गंवुओ में शहर आ गइल
साझा संग्रह
लगभग 40 काव्य, गद्य की पुस्तकें
समीक्षा
आपकी रेटिंग
रचना पर कोई टिप्पणी नहीं है
आपकी रेटिंग
रचना पर कोई टिप्पणी नहीं है
आपकी रचना शेयर करें
बधाई हो! बइठल सोचेली चिरइया प्रकाशित हो चुकी है।. अपने दोस्तों को इस खुशी में शामिल करे और उनकी राय जाने।