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बहू मुँह में दही जमा रखा है

4.8
1451

सुबह से श्याम दो तीन बार कमरे में जाकर देख चुका था, पर बाऊजी कमरे में नहीं थे। इधर-उधर ढूंढा, देखा तो बाऊजी पूजा घर में पूजा कर रहे थे। अब उस समय तो श्याम क्या कहता, तो ऑफिस के लिए तैयार होने चला गया। थोड़ी देर बाद बाऊजी पूजा करके उठे तो सबसे पहले श्याम को ही आवाज दी, " श्याम, बेटा श्याम, कहां है" " हाँ, बुलाया आपने" "हां, बुलाया मैंने लेकिन तू सुबह से मुझे ढूंढ क्यों रहा है" " नहीं तो बाऊजी, ऐसी कोई बात नहीं है" " नहीं, बेटा बात तो है, सुबह से पूरे घर में फिरकी की तरह तो घूम चुका है। पूजा घर ...

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लेखक के बारे में
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Laxmi Kumawat
समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    क्षमा तिवारी
    05 ആഗസ്റ്റ്‌ 2023
    कभी कभी जो बात मुँह से निकलती है बार बार वो बातकभी कभी सत्य साबित भी हो जाती हैं 💕💐💕💐💕👌👌👌👌💕💐💕💐💕
  • author
    Monajain
    10 മാര്‍ച്ച് 2022
    वाह बहुत बहुत अच्छी कहानी अच्छा दही जमाया आपने बहुत बहुत सुन्दर👌👌👌 रचना
  • author
    Shiv Shankar
    11 മെയ്‌ 2023
    वाह मजेदार कहानी दही बहुत ही लोकप्रिय भोजन है 👍👍
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    क्षमा तिवारी
    05 ആഗസ്റ്റ്‌ 2023
    कभी कभी जो बात मुँह से निकलती है बार बार वो बातकभी कभी सत्य साबित भी हो जाती हैं 💕💐💕💐💕👌👌👌👌💕💐💕💐💕
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    Monajain
    10 മാര്‍ച്ച് 2022
    वाह बहुत बहुत अच्छी कहानी अच्छा दही जमाया आपने बहुत बहुत सुन्दर👌👌👌 रचना
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    Shiv Shankar
    11 മെയ്‌ 2023
    वाह मजेदार कहानी दही बहुत ही लोकप्रिय भोजन है 👍👍