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औरत का कोई घर नहीं होता

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औरत का कोई घर नहीं होता, ना मायका ना ससुराल ! जहां पैदा होती है, बड़ी होती हैं, पढ़ती है, लिखती हैं, जी जान से सब की सेवा करतीं हैं। घर को सजाती हैं, सब सांवरती हैं, पिता का सर दबाती हैं, थक जाए मां ...

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Bittu Misad

*लहरों का शोर नहीं,सागर का 'शान्त' सुनो,,,* *जीवन में कुछ बड़ा करना है...* *तो एकान्त चुनो।।।* 🌹हर हर *महादेव*🌹

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