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हिन्दी

और अधिक कमाना नहीं है

4.5
1971

यह एक हिंदी ग़ज़ल है जिसमें आपको मोहब्बत कईं रूप दिखेंगे

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लेखक के बारे में
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गुरमीत सिंह

प्यार सोची समझी साज़िश है दो दिलो की तिनके भर तक का भी कसूर नहीं है मेरा

समीक्षा
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    Aridhi Star
    21 அக்டோபர் 2020
    heart. touching आप मेरी poem भी पढ़ सकते है शायद आपको पसंद आए
  • author
    PANKAJ KUMAR SRIVASTAVA
    03 பிப்ரவரி 2020
    अच्छी रचना।मेरी रचनाये भी पढे व अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करे ।
  • author
    05 பிப்ரவரி 2019
    प्रशंसा में शब्द कम पड़ रहे है, अति उत्तम।
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    Aridhi Star
    21 அக்டோபர் 2020
    heart. touching आप मेरी poem भी पढ़ सकते है शायद आपको पसंद आए
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    PANKAJ KUMAR SRIVASTAVA
    03 பிப்ரவரி 2020
    अच्छी रचना।मेरी रचनाये भी पढे व अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करे ।
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    05 பிப்ரவரி 2019
    प्रशंसा में शब्द कम पड़ रहे है, अति उत्तम।