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अटूट बंधन

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3.7

इस व्यस्त जीवन में, समय नहीं मिलता कि कविता लिख सकूँ! हर रोज तमाम कार्य कभी घर के कभी बाहर के, एक के बाद एक कार्य आते रहते है! कार्य होते रहते है और टलती रहती है कविता! सुबह बिस्तर छोड़ उठने से रात ...