pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी

आशियाँ

4.1
700

जो है जैसा है , निभा लेंगे, आधी तुम खा लेना , आधी हम खा लेंगे। जरूरतें बहुत कम है, थोडा यकीं, थोडा प्यार, चंद ख़ुशी के लम्हे , और हम चाहें तुम्हें। आशियाने का क्या है! तेरे दिल में मेरा घर होगा, मेरे ...

अभी पढ़ें
लेखक के बारे में
समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Satyendra Kumar Upadhyay
    15 अक्टूबर 2015
    राष्ट्र भाषा का अपमान करती कविता । हिंदी का अल्प ज्ञान दर्शाती है ।नितांत सारहीन ।
  • author
    Bharat Paras
    09 मई 2018
    such nice ...I love this
  • author
    Vikram Sisodiya
    14 अक्टूबर 2015
    Awsm great poem
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Satyendra Kumar Upadhyay
    15 अक्टूबर 2015
    राष्ट्र भाषा का अपमान करती कविता । हिंदी का अल्प ज्ञान दर्शाती है ।नितांत सारहीन ।
  • author
    Bharat Paras
    09 मई 2018
    such nice ...I love this
  • author
    Vikram Sisodiya
    14 अक्टूबर 2015
    Awsm great poem