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अँधेरे तारे..

4.5
508

वो बीच बात में... हर बात खत्म हो जाना... वो बीच सफ़र में... मेरा हाथ छोड़ जाना... वो जान देकर भी... रूठे को ना मना पाना... उस उजड़े दिल... अधूरे ख्वाबों ने.. बड़ा सताया है... लेकिन कौन यहाँ... अपने तारों ...

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लेखक के बारे में

engineer by profession... writer from heart... ;)

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    निक्की सिंह
    01 जुलाई 2019
    दिल के जज़्बात को ज़ुबान पर लाने के लिए कविता से अच्छा माध्यम कोई नही शायद आपने भी कोसिस की और बहुत ही अछि कोसिस थी सब का पता नही मुझे बहुत अच्छा लगा।
  • author
    Sweta Pant "Seemu"
    26 जुलाई 2022
    nice 👌 sir please read my stories and poems and will be support
  • author
    Uday Sinha
    05 सितम्बर 2019
    मन की व्यथा,शब्दो की सवारी निकली।
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    निक्की सिंह
    01 जुलाई 2019
    दिल के जज़्बात को ज़ुबान पर लाने के लिए कविता से अच्छा माध्यम कोई नही शायद आपने भी कोसिस की और बहुत ही अछि कोसिस थी सब का पता नही मुझे बहुत अच्छा लगा।
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    Sweta Pant "Seemu"
    26 जुलाई 2022
    nice 👌 sir please read my stories and poems and will be support
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    Uday Sinha
    05 सितम्बर 2019
    मन की व्यथा,शब्दो की सवारी निकली।