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अम्लीय वर्षा

4.2
180

बरसात, क्या बहाती है! और इसमें क्या बरसता है..? हरेक मौसम में जमा हुई गन्दगी, हमारे तन, और 'मन' की भी, बारिश बहा ले जाती थी लेकिन अब, ये कुछ बहा नहीं पाती। बारिश, समृद्धि और खुशहाली की हमनाम जिसमें...

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लेखक के बारे में
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विनायक शर्मा

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समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Manjit Singh
    07 सितम्बर 2020
    बहुत खूबसूरत
  • author
    नीलकंठ शर्मा
    06 मार्च 2019
    बहुत ही सुंदर रचना..
  • author
    विकास कुमार
    10 मई 2018
    सुंदर
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    Manjit Singh
    07 सितम्बर 2020
    बहुत खूबसूरत
  • author
    नीलकंठ शर्मा
    06 मार्च 2019
    बहुत ही सुंदर रचना..
  • author
    विकास कुमार
    10 मई 2018
    सुंदर