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अज्ञात से ज्ञात

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जीवन कि राह भी अज्ञात है पता नही होता कौन रास्ता सही है कौन गलत है बस हम चलते जाते है ठोकर लगने पर सीखते है अज्ञानता से ज्ञान कि ओर बढ़ते है। ...

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हंशिका

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