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*अभीष्ट क्या*

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एक क्षण में भौतिकतावादी हो जाना, और अगले ही क्षण आदर्शवादी। देखते ही देखते संसार में आकंठ डूब जाना, और तत्क्षण ही छिटककर वीतरागी हो जाना। एक ही क्षण में भावनाओं से विगलित हो, अगले ही क्षण संभल कर ...

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Ramharday kushwaha
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