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आरती (भ्रष्टाचार)

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ॐ जय भ्रष्टाचार मुनि, स्वामी जय भ्रष्टाचार मुनि श्वेत वर्ण तन कोमल तुम्हरा अंतस से कजरारे स्वामी अंतस से कजरारे जटा जूट सर माथे चन्दन तन मूंज जनेऊ डारे ॐ जय भ्रष्टाचार मुनि त्रेता में तुम, द्वापर में ...