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आधी कहानी

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बहुत शिकायत हे लेकिन मजबुर हु अपनी गलती से रिश्ते की शरुआत ही कची दोर से की थी बहुत नाजुक था वो गलतफेमियो ने उसे तोड़ दीया संभाल के रखा था जिस वक़्त को वो आज सिर्फ तस्वीर में मिलता हे आंसू तो ...

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Bhävîkä Kåčhhådîyå

My wishful thinking in my booklet

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