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40 किलो के डंबल...!!!

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यह कहानी एक मध्यमवर्गीय युवक की है, जो हर सुबह जिम जाकर अपनी ज़िंदगी को थोड़ा बेहतर बनाने की कोशिश करता है। आधुनिक जिम के शांत माहौल में उसकी दिनचर्या, शरीर, उम्र और काम से उपजी मानसिक थकान ...