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लड़की जात हो चुप रहना सीखो

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जो लोग कहते हैं अपनी लड़कियो से लड़को के सामने कि ""तुम लड़की जात हो चुप रहना सीखो, मुंह बंद रखा करो ! वो लड़का वो अपनी मन-मरज़ी कर सकता है !"" ऐसा क्ह के वो लड़की के साथ भेदभाव तो करते ही हैं, ...

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लेखक के बारे में

लोगों की भीड़ से निकली साधारण लड़की जिसकी पहचान बेबाक और स्वतंत्र लेखन है ! जैसे तरह-तरह के हज़ारों पंछी होते हैं, उनकी अलग चहकाहट "बोली-आवाज़", रंग-ढंग होते हैं ! वेसे ही मेरा लेखन है जो तरह -तरह की भिन्नता से - विषयों से परिपूर्ण है ! मेरा लेखन स्वतंत्र है, बे-झिझक लेखन ही मेरी पहचान है !! युवा लेखिका, सामाजिक चिंतक जयति जैन "नूतन" -: विधा - कहानी , लघुकथा , कविता, लेख , दोहे, मुक्तक, शायरी,व्यंग्य -: प्रकाशित रचनाओं का विवरण - जनक्रति अंतराष्ट्रीय मासिक पत्रिका में, सामाजिक लेखन, राष्ट्रीय दैनिक, साप्ताहिक अख्बार, पत्रिकाये , चहकते पंछी ब्लोग, साहित्यपीडिया, शब्दनगरी, www.momspresso.com व प्रतिलिपि वेबसाइट, international news and views.com (INVC) पर ! -: सम्मान- - श्रेष्ठ नवोदित रचनाकार सम्मान से सम्मानित ! - अंतरा शब्द शक्ति सम्मान 2018 से सम्मानित ! - हिंदी सागर सम्मान - श्रेष्ठ युवा रचनाकार सम्मान - कागज़ दिल साहित्य सुमन सम्मान - वुमन आवाज़ अवार्ड 2018 - हिंदी लेखक सम्मान - भाषा सारथी सम्मान -: अन्य उपलब्धि- बेबाक व स्वतंत्र लेखिका ! हिंदी सागर त्रेमासिक पत्रिका में " अतिथि संपादक " -:- लेखन का उद्देश्य- समाज में सकारात्मक बदलाव ! -: एकल संग्रह - मिट्टी मेरे गांव की {बुंदेली काव्य संग्रह}, वक़्त वक़्त की बात ( लघुकथा संग्रह, 20 पृष्ठ) एकल संग्रह- राष्ट्रभाषा औऱ समाज (32 पृष्ठ) साझा काव्य संग्रह A- मधुकलश B- अनुबंध C- प्यारी बेटियाँ D- किताबमंच E- भारत के युवा कवि औऱ कवयित्रियाँ । F - काव्य स्पंदन पितृ विशेषांक G- समकालीन हिंदी कविता । H- साहित्य संगम संस्थान से प्रकाशित उत्कृष्ट रचनाओं का संकलन I- अनकहे एहसास J- वुमन आवाज महिला विषेषांक K- रेलनामा ---- " आप गूगल पर जयति जैन नूतन या जयति जैन रानीपुर डाल कर कुछ रचनाये सर्च कर सकते हैं । "

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    उषा मेहरोञा
    16 November 2018
    बेटी के लिए बहुत सुन्दर भाव लिखे हैं आपने,बेहतरीन लेख है ।
  • author
    02 June 2018
    beti bachao ,beti bina adhuri duniya
  • author
    06 May 2017
    मध्यम वर्गीय परिवारों की सोच का सजीव चित्रण है।लड़की होने की पीड़ा को बखुबी दर्शाया है
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    उषा मेहरोञा
    16 November 2018
    बेटी के लिए बहुत सुन्दर भाव लिखे हैं आपने,बेहतरीन लेख है ।
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    02 June 2018
    beti bachao ,beti bina adhuri duniya
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    06 May 2017
    मध्यम वर्गीय परिवारों की सोच का सजीव चित्रण है।लड़की होने की पीड़ा को बखुबी दर्शाया है