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धंधे वाली

4.6
306

धंधे वाली यही तो कहा था उसने खुद को आज भी जब सोचता हूं तो रोंगटे खड़े हो जाते है सब वैसे ही याद आ जाता है जैसे कल की ही बात हो उस दिन सुबह के 10 बज रहे थे में अभी अपनी कैंटीन पहुंच कर आज ...

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लेखक के बारे में
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Manoj Kumar

मेरी रचनाएं मेरे खुद की लिखी हुई मौलिक रचनाएं हैं, जिस पर मेरा अधिकार सुरक्षित है। तो आप इन्हे बिना मेरी परमिशन के बिलकुल भी इस्तेमाल ना करें।

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    सुकून
    20 दिसम्बर 2022
    वाकई एक औरत हमेशा ही लोगो की नजरों में धंधा ही करने वाली लगती है कहना कितना आसान होता है न लेकिन कभी धंधे वाली का दर्द तो किसी ने नही जाना होता है काश आपके जैसे सबकी सोच हो तो कोई भी किसी औरत को धंधे वाली नही कह सकता है 🙏🙏 👍👍👌👌👌👌👌👌
  • author
    Ashu Kapoor
    19 अगस्त 2022
    Emotional and shocking story मजबूरी इंसान से क्या-क्या करवा देती है, एक कड़वी सच्चाई को आपके अपनी कहानी में उभरा है----- लाजवाब कहानी---- बहुत कुछ सोचने को मजबूर कर रही है👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌🌷🌷🌷🥰🌷🌷🌹🌹🌹🌹🌹🌹
  • author
    Manish Sharma
    05 दिसम्बर 2022
    bhut sundar rachna 👌 aur ekdm satik bhi 👌👌👌
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    सुकून
    20 दिसम्बर 2022
    वाकई एक औरत हमेशा ही लोगो की नजरों में धंधा ही करने वाली लगती है कहना कितना आसान होता है न लेकिन कभी धंधे वाली का दर्द तो किसी ने नही जाना होता है काश आपके जैसे सबकी सोच हो तो कोई भी किसी औरत को धंधे वाली नही कह सकता है 🙏🙏 👍👍👌👌👌👌👌👌
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    Ashu Kapoor
    19 अगस्त 2022
    Emotional and shocking story मजबूरी इंसान से क्या-क्या करवा देती है, एक कड़वी सच्चाई को आपके अपनी कहानी में उभरा है----- लाजवाब कहानी---- बहुत कुछ सोचने को मजबूर कर रही है👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌🌷🌷🌷🥰🌷🌷🌹🌹🌹🌹🌹🌹
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    Manish Sharma
    05 दिसम्बर 2022
    bhut sundar rachna 👌 aur ekdm satik bhi 👌👌👌