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आपकी कहानी, आपके अधिकार, आपका IP

प्रिय लेखक,

हर कहानी जो आप लिखते हैं, वह आपकी कल्पना, कड़ी मेहनत, अनोखे किरदारों और आपकी बनाई दुनिया का परिणाम होती है। अपने अधिकारों को समझने से आपको अपनी रचना को सुरक्षित रखने और अपनी कहानी को नए अवसर मिलने पर बेहतर फैसले लेने में मदद मिलती है।

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    IP का क्या मतलब है?

    हर कहानी जो आप लिखते हैं, वह बनने के पल से ही आपकी अपनी होती है।

    मलिकाना हक के इसी अधिकार को इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (बौद्धिक संपदा) या IP कहा जाता है, और यह आपकी कहानी, किरदारों व आपकी बनाई क्रिएटिव दुनिया की सुरक्षा करता है।

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    कॉपीराइट और आपका मालिकाना हक

    जैसे ही आप अपनी कहानी लिखते हैं, उसका कॉपीराइट अपने आप आपको मिल जाता है।

    इसका मतलब है कि आप इसके कानूनी क्रिएटर (निर्माता) हैं, और भले ही आपकी कहानी को किसी दूसरे फॉर्मेट में ढाला जाए, मुख्य लेखक के तौर पर आपका क्रेडिट और पहचान हमेशा कहानी के साथ बनी रहती है।

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    IP राइट्स के अलग-अलग प्रकार

    आपके कॉपीराइट में कई तरह के अलग-अलग अधिकार शामिल होते हैं, जिन्हें मिलने वाले मौकों के आधार पर अलग-अलग लाइसेंस किया जा सकता है।

    प्रिंट राइट्स: इनसे आपकी कहानी को एक फिजिकल बुक (किताब) के रूप में प्रकाशित करने की अनुमति मिलती है।

    डिजिटल राइट्स: इसके अंतर्गत ई-बुक्स और ऑनलाइन रीडिंग प्लेटफ़ॉर्म आते हैं।

    ऑडियो राइट्स: इनसे आपकी कहानी को ऑडियोबुक या ऑडियो ड्रामा में बदलने की अनुमति मिलती है।

    फिल्म, टीवी और वेब राइट्स: इनसे आपकी कहानी को OTT, फिल्मों, स्टेज शो, कॉमिक्स या वेब सीरीज़ में रूपांतरित (adapt) करने की अनुमति मिलती है।

    ट्रांसलेशन राइट्स: इनसे आपकी कहानी को किसी दूसरी भाषा में प्रकाशित करने की अनुमति मिलती है।

    मर्चेंडाइजिंग राइट्स: इनसे आपके किरदारों या टाइटल्स का इस्तेमाल अलग-अलग प्रोडक्ट्स (उत्पादों) पर करने की अनुमति मिलती है।

    फर्स्ट राइट्स और रीप्रिंट राइट्स: ये तब लागू होते हैं जब कोई कहानी पहली बार प्रकाशित होती है या दोबारा प्रकाशित की जाती है।

    अवसर के हिसाब से हर एक अधिकार को अलग से लाइसेंस किया जा सकता है।

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    अधिकार जो हमेशा आपके पास रहते हैं

    भले ही आप किसी खास प्रोजेक्ट के लिए कुछ राइट्स का लाइसेंस दे दें, फिर भी आपका ओरिजिनल कॉपीराइट हमेशा आपके पास ही रहता है।

    आप अपनी कहानी का सीक्वल (अगला भाग), प्रीक्वल (पहले की कहानी) या स्पिन-ऑफ लिख सकते हैं, और हर फॉर्मेट में आपका नाम आपकी कहानी के साथ हमेशा जुड़ा रहता है।

    आपका मुख्य मालिकाना हक कभी भी आपके हाथों से नहीं जाता।

हैप्पी राइटिंग!

— टीम प्रतिलिपि

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