
प्रतिलिपिनमस्ते,
मैं हूँ आपकी प्रतिलिपि :)
इस साल मैंने आपको 2 पत्र लिखे थे :) यह मेरा पहला पत्र और यह दूसरा पत्र है।
आज मैं थोड़ी भावुक हूँ।
इस महीने आपकी प्रतिलिपि ने 12 साल पूरे कर लिए हैं! 14 सितंबर को मेरा 12वाँ जन्मदिन था।
12 साल पहले प्रतिलिपि के एक सपने की शुरुआत हुई थी। सपना यह था की एक दिन एक ऐसा प्लेटफॉर्म होगा, जहाँ हर लेखक भाषा, डिवाइस, फॉर्मॅट या जगह की बंदिशों के बिना अपनी कहानियाँ साझा कर सके।
इसीलिए आज आप किसी भी भारतीय भाषा में, अपने फोन या लैपटॉप पर लिख सकते हैं, और आपकी कहानियाँ ऑडियो, कॉमिक्स, किताबों, टीवी सीरियल और फिल्मों जैसे अलग-अलग फॉर्मॅट्स में लाखों पाठकों तक पहुँच सकती हैं। हमारा सपना है कि एक दिन हजारों लेखक सिर्फ अपनी लेखन-क्षमता के दम पर अपनी आजीविका कमा सकें।
और यह तो बस शुरुआत है! आपके, यानी हमारे लेखकों और पाठकों की वजह से ही हम इस सफ़र में आगे बढ़ रहे हैं।
ज़रा देखिए तो, हम सब मिलकर कितनी दूर आ पहुँचे हैं:
पिछले 12 महीनों में प्रतिलिपि के लेखकों ने कुल 38.2 करोड़ रुपये कमाए हैं। 2025 में यह कमाई 24.9 करोड़ रुपये और 2024 में 14.8 करोड़ रुपये थी।
अगस्त 2026 तक कुल 10,104 लेखक कमाई कर रहे हैं। 2025 में यह संख्या 9,764 और 2024 में 8,112 थी।
2026 में, कुल 90 लेखकों ने कुछ ही महीनों में 1 लाख रुपये से अधिक की कमाई का आँकड़ा पार किया है।
अकेले अगस्त के महीने में 55 लेखकों ने 1 लाख रुपये से अधिक कमाए हैं।
870 लेखक ऐसे हैं जो हर महीने 5,000 रुपये से ज़्यादा कमा रहे हैं, 543 लेखक 10,000 रुपये से ज़्यादा और 268 लेखक हर महीने 25,000 रुपये से ज़्यादा कमा रहे हैं।
ऐप पर हर पाठक रोज़ औसतन 1 घंटा 14 मिनट बिताता है। यह समय यूट्यूब से भी ज़्यादा है! और आपके सब्स्क्राइबर्स तो हर दिन 2 घंटे 36 मिनट से भी ज़्यादा समय ऐप पर बिताते हैं।
वैसे, हम जानते हैं कि हमारा सपना बहुत बड़ा है और बड़े सपनों को साकार होने में दशकों का समय लगता है। हम प्रतिलिपि को एक ऐसी कंपनी बनाना चाहते हैं जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बने। हम यहाँ सिर्फ़ 10-20 सालों के लिए नहीं, बल्कि आने वाले कई दशकों के लिए एक-दूसरे जुड़े हैं। :)
जब हमारा सपना और लक्ष्य इतना बड़ा है, तो हम अपने लेखकों के प्रति पूरी तरह से ईमानदार, पारदर्शी और भरोसेमंद रहना चाहते हैं। इस सबसे बढ़कर, हमारी हमेशा यही कोशिश रहती है कि हम अपने लेखकों के हित में सही कदम उठाएँ।
हम महत्वाकांक्षी भी बनना चाहते हैं। इसीलिए हम जो भी करें, उसमें कोई शॉर्टकट नहीं लेना चाहते। हम एक ऐसी कंपनी बनना चाहते हैं जो हर फैसला अपने लेखकों को केंद्र में रखकर और आने वाले भविष्य की सोच के साथ ले।
बहुत से लोग कहते हैं कि प्रतिलिपि कहानियों के लिए 'यूट्यूब' की तरह है। जी हाँ, यह सच है। बल्कि प्रतिलिपि के कई लेखक तो अब बड़े-बड़े यूट्यूबर्स से भी ज़्यादा कमा रहे हैं!
लेकिन सही मायनों में देखें तो प्रतिलिपि एक अनोखा ईकोसिस्टम है।
ईकोसिस्टम का मतलब है: प्रतिलिपि लिटरेचर पर प्रकाशित बेहतरीन कहानियों का प्रतिलिपि पर ही अन्य भारतीय भाषाओं में अनुवाद किया जा सकता है, 'प्रतिलिपि एफएम' में उन्हें ऑडियोबुक में बदला जा सकता है, और उन्हीं कहानियों की 'प्रतिलिपि कॉमिक्स' बनाई जा सकती है, किताबें छापी जा सकती हैं, फिल्में या टीवी सीरियल बनाए जा सकते हैं, या माइक्रो-ड्रामा जैसे नए फॉर्मॅट में ढाला जा सकता है। इससे लेखकों को अलग-अलग फॉर्मॅट से कमाई के कई जरिए मिलते हैं, और यही बात प्रतिलिपि को एक अनोखा ईकोसिस्टम बनाती है। :)
हम जानते हैं कि इसमें समय लगता है, लेकिन लेखकों के साथ अपने इस रिश्ते को आने वाले दशकों तक निभाने के लिए हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
हम पर भरोसा बनाए रखने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।
हम आज जहाँ भी हैं, आपकी वजह से ही हैं।
अगर आप प्रतिलिपि पर अपने अनुभव के बारे में हमसे कुछ भी साझा करना चाहते हैं, तो यहाँ क्लिक करके बता सकते हैं: https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSdpKo3TwoLVhymoXUeYYYrqMMx7MKjLnvNBpVn5dhixQE5P0w/viewform?usp=publish-editor
आपकी,
प्रतिलिपि