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एक छोटा सा वार्तालाप हिंदी के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ.महेंद्र भटनागर के साथ / A short interview with Hindi author Dr. Mahendra Bhatnagar
10 जनवरी 2015

 

 

नाम : महेंद्रभटनागर

जन्म-दिवस : 26 जून 1926

मूल स्थान : ग्वालियर (मध्य-प्रदेश)

शैक्षिक उपाधि : एम॰ ए॰, पी-एच॰ डी॰ (हिंदी)

 

1. स्वभाव :

शांत, गम्भीर

 

2. सेवानिवृत्ति के बाद कहाँ रहना पसंद करेंगे(गाँव/शहर) और क्यूं?

  अपने गृह-नगर ग्वालियर में।

 

3.  हॉलीवुड अथवा बॉलीवुड में से कौन सी फिल्में देखना पसंद करते हैं, नयी अथवा पुरानी?

विशेष रुचि नहीं।

 

4.  एक वाक्य में पिता-पुत्री सम्बंध को परिभाषित करें.

आत्मिक संबंधों का बोधक सर्वाधिक प्रिय मानवीय रिश्ता।

 

5. आपके विचार में क्या हर व्यक्ति के जीवन में किसी गुरु का होना अनिवार्य है? क्यूं अथवा क्यूं नहीं.

सुगमता से ज्ञान-प्राप्ति-हेतु आवश्यक।

 

6.  साहित्य प्रेरणा :  

दूषित आर्थिक व्यवस्था से उत्पन्न जीवन के अभावों से — वैयक्तिक / सामूहिक। सामाजिक अनीति से। प्रचलित साम्प्रदायिक-धार्मिक वैमनस्य से।

राष्ट्रों की साम्राज्यवादी महत्त्वाकांक्षाओं की पूर्ति निमित्त प्रदर्शित क्रूरताओं-कठोरताओं से।

 

7. आप अपने क्रोध को नियंत्रण में नहीं रख पाते जब :

ऐसे अवसर विरल।

 

8.  आपके बटुए में किसकी फोटो हमेशा रहती है :

किसी की नहीं।

 

9.  पसंदीदा व्यंजन :

सामान्य रुचि के। तरह-तरह के।

 

10.  आपके लिये साहित्य की परिभाषा :

मानवीय एवं सामाजिक सरोकारों की सशक्त व प्रभावी अभिव्यक्ति।

 

11. जीवन का सबसे खुशी का पल :

हर्ष और वेदना का समय-समय पर अनुभव।

 

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पाठकों को एक संदेश :

दुखी हैं; उनकी यथासम्भव सहायता करो!

 

 

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