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बातें कुछ खास⚘⚘⚘⚘⚘

4.8
12

है उलझन बड़ी सुलझाऊ कैसे ⚘⚘⚘⚘⚘⚘⚘⚘ दर्द दिल का मैं बताऊँ कैसे बेरुखी पे मेरे जाने क्यूं रुठा है सब जैसे रुठे हुए को अब मनाऊं कैसे ⚘ कभी हार जाती हुँ कभी जीत जाती हुँ इन्सान हुँ पत्थर नही कभी कभी ...

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लेखक के बारे में
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Khushi jha

खुश रहो खुश रहने की हजार वजह है। दुख ना हो तो खुशी की कीमत कहां है। खुशी में खुशी की खुशी है।

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Dhani Vyas
    09 जनवरी 2021
    एक एक शब्द, जज्बात, सपना, सुंदर और खूबसूरत लिखा 👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌
  • author
    Mr pooran
    09 जनवरी 2021
    बहुत लाज़वाब लिखा है दीदी आपने✍️✍️✍️👌👌👌 आपकी इस रचना से बहुत कुछ सीखने को मिला।
  • author
    Shashi Prabha
    09 जनवरी 2021
    बहुत खूब, तारीफ चाद की, तो तारों का भी अपना वजूद होगा, बहुत ही सुंदर लिखा है👍👍😍
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  • author
    Dhani Vyas
    09 जनवरी 2021
    एक एक शब्द, जज्बात, सपना, सुंदर और खूबसूरत लिखा 👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌
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    Mr pooran
    09 जनवरी 2021
    बहुत लाज़वाब लिखा है दीदी आपने✍️✍️✍️👌👌👌 आपकी इस रचना से बहुत कुछ सीखने को मिला।
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    Shashi Prabha
    09 जनवरी 2021
    बहुत खूब, तारीफ चाद की, तो तारों का भी अपना वजूद होगा, बहुत ही सुंदर लिखा है👍👍😍