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1343# सुना है कि वो मुस्कुराने लगे हैं

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1343# सुना है कि वो मुस्कुराने लगे हैं सुना  है  कि वो  मुस्कुराने  लगे  हैं ग़मों  को  अपने वो  छुपाने  लगे  हैं आँखों में है उनके अश्कों की दरिया आँखों   को  सबसे  चुराने   लगे  हैं कभी जो  ...

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लेखक के बारे में
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Sanjay Ni_ra_la

रोक कर बैठे हैं, जिंदगी को इस कदर कि तुम आओ तो, फिर जीना शुरू करें

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Sandip Sharmaz . Sharmaz "Lucky"
    12 డిసెంబరు 2023
    शानदार लेखन क्या ग़ज़ल बनाई है।जयश्रीकृष्ण जयश्रीकृष्ण जयश्रीकृष्ण जयश्रीकृष्ण जयश्रीकृष्ण जी।नमन।
  • author
    Neel 🍁
    12 డిసెంబరు 2023
    हर बात जमाने को बताते नहीं हैं, कि आंखों में दरिया छिपाते नहीं हैं। नहीं थाह पाया समंदर का कोई... ऊंची लहरों में नौका लगाते नहीं है। क्यूं बताएं कि आंखों में सैलाब क्यूं है, सूनी पलकों में एक उनके ही ख्वाब क्यूं हैं। बहुत बेरुखी सह चुके अब न आना..... तेरे चेहरे पर दिखते इतने नकाब क्यूं हैं।। बहुत ही खूबसूरत ग़ज़ल bravo Zulu bravo Zulu 🤗🤗
  • author
    छाया
    13 డిసెంబరు 2023
    हां सच है कि अब मुस्कुराने लगे है बेवजह ही हंसने हंसाने लगे हैं वो अक्स बन निगाहों में रहता है मेरे इसीलिए सबसे नज़रे चुराने लगे हैं। बहुत खूब लिखा है सर आपने। 🙏🙏🙏😊😊👏👏👏
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    Sandip Sharmaz . Sharmaz "Lucky"
    12 డిసెంబరు 2023
    शानदार लेखन क्या ग़ज़ल बनाई है।जयश्रीकृष्ण जयश्रीकृष्ण जयश्रीकृष्ण जयश्रीकृष्ण जयश्रीकृष्ण जी।नमन।
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    Neel 🍁
    12 డిసెంబరు 2023
    हर बात जमाने को बताते नहीं हैं, कि आंखों में दरिया छिपाते नहीं हैं। नहीं थाह पाया समंदर का कोई... ऊंची लहरों में नौका लगाते नहीं है। क्यूं बताएं कि आंखों में सैलाब क्यूं है, सूनी पलकों में एक उनके ही ख्वाब क्यूं हैं। बहुत बेरुखी सह चुके अब न आना..... तेरे चेहरे पर दिखते इतने नकाब क्यूं हैं।। बहुत ही खूबसूरत ग़ज़ल bravo Zulu bravo Zulu 🤗🤗
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    छाया
    13 డిసెంబరు 2023
    हां सच है कि अब मुस्कुराने लगे है बेवजह ही हंसने हंसाने लगे हैं वो अक्स बन निगाहों में रहता है मेरे इसीलिए सबसे नज़रे चुराने लगे हैं। बहुत खूब लिखा है सर आपने। 🙏🙏🙏😊😊👏👏👏